चंडीगढ़। वरिष्ठ भाजपा नेता संजय टंडन ने पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल से मुलाकात कर विश्वविद्यालय में कार्यरत मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एम टी एस) और अन्य संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान टंडन ने कुलपति से ऐसी व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया, जिसके तहत ठेकेदार को देय कमीशन और जी.एस.टी सीधे जारी किए जाएं, जबकि विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के वेतन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराई जाए। टंडन ने कहा कि वेतन भुगतान में देरी से उन कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए मासिक वेतन पर निर्भर हैं। टंडन ने कहा, “एम टी एस कर्मचारियों और अन्य संविदा कर्मचारियों को ठेकेदार की ओर से जी.एस.टी के भुगतान या अन्य किसी समस्या के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनका वेतन समय पर, बेहतर होगा कि हर महीने की 7 तारीख तक, उनके खातों में पहुंच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था से कर्मचारियों को उनका वेतन सीधे प्राप्त होगा और अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी। टंडन ने कहा, “मैंने कुलपति से एक ऐसी प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था पर विचार करने का आग्रह किया है, जिसमें ठेकेदार को उसका कमीशन और जी.एस.टी मिले, जबकि प्रत्येक संविदा कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जमा हो। इससे समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और उन कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, जो अपनी मासिक आय पर निर्भर हैं। टंडन ने कहा कि कुलपति ने उनके सुझाव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और उम्मीद जताई कि इस व्यवस्था को जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कुलपति ने इस सुझाव पर विचार करने पर सहमति जताई है। मुझे उम्मीद है कि विश्वविद्यालय इस व्यवस्था को लागू करेगा, ताकि प्रत्येक संविदा कर्मचारी को बिना किसी देरी के सीधे और समय पर वेतन मिल सके तथा ठेकेदार की ओर से होने वाली देरी का असर कर्मचारियों पर न पड़े।”

