चंडीगढ़ । पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर-11, चंडीगढ़ में ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत एक व्यापक सामूहिक शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के 1,000 से अधिक विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे एवं मादक पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों एवं अन्य प्रकार के मादक द्रव्यों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। सामूहिक शपथ के दौरान विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने स्वयं को नशे से दूर रखने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य सदस्यों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा अरोड़ा ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के लिए जागरूकता, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार युवा ही सशक्त एवं विकसित भारत की आधारशिला है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पवन भारद्वाज ने अभियान के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को कार्यक्रम से जोड़ने तथा सामूहिक शपथ में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी समन्वय किया। उन्होंने नशे के विरुद्ध निरंतर जागरूकता फैलाने और युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केवल एक व्यक्ति का संकल्प नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थान और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सामूहिक शपथ के दौरान कॉलेज परिसर में “नशे से दूरी, स्वस्थ जीवन की ओर कदम” तथा “नशा मुक्त युवा—विकसित भारत” जैसे संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। 1,000 से अधिक विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की एकजुट भागीदारी ने नशे के विरुद्ध कॉलेज समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक सेवा और अन्य रचनात्मक कार्यों के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। शिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और युवाओं में स्वस्थ आदतों, आत्म-अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज और स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा स्वयं और अपने आसपास के लोगों को नशे से दूर रखने का संकल्प दोहराया। PGGC-11 की यह सामूहिक पहल ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक भविष्य की ओर प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

